
देश के सर्वोच्च न्यायालय में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया जब प्रधान न्यायाधीश (CJI) बी.आर. गवई पर जूता फेंकने का प्रयास किया गया। सुरक्षा कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया। घटना के बाद न्यायालय की कार्यवाही थोड़ी देर के लिए प्रभावित हुई।
जानकारी के अनुसार, आरोपी की पहचान कानपुर के निवासी किशोर के रूप में हुई है। वह सुप्रीम कोर्ट परिसर में मौजूद था और जैसे ही सुनवाई चल रही थी, उसने जूता सीजेआई की ओर उछाल दिया, लेकिन सुरक्षा अधिकारियों ने तुरंत उसे रोक लिया।
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CJI बी.आर. गवई ने कहा — “घटना से प्रभावित हुए बगैर सुनवाई जारी रखी जाएगी”
प्रधान न्यायाधीश बी.आर. गवई ने कहा कि इस तरह की हरकतें न्याय व्यवस्था को नहीं डिगा सकतीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आरोपी को चेतावनी देकर छोड़ दिया जाए।
सीजेआई ने कहा, “हम सब बातों से विचलित नहीं होंगे। न्याय और संविधान में हमारा पूर्ण विश्वास है।”
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताई प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा, “न्याय व्यवस्था देश के लोकतंत्र की रीढ़ है। न्यायमूर्ति गवई द्वारा दिखाया गया धैर्य और संवैधानिक भावना प्रशंसनीय है।”
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घटना का पृष्ठभूमि
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी किशोर खुद को मध्य प्रदेश के खुजराहो मंदिर परिसर से जुड़ा सेवादार बता रहा था। उसने अपने बयान में कहा कि वह “हिंदुत्व के अपमान” से आहत है। पुलिस ने उससे पूछताछ शुरू कर दी है।
Author: TVN News Uttarakhand
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