
जिलाधिकारी के निर्देश पर तहसील क्षेत्र में लंबित राजस्व मामलों के त्वरित एवं पारदर्शी निस्तारण के लिए उपजिलाधिकारी कालाढुंगी बिपिन चंद्र पंत ने सोमवार को कोटाबाग क्षेत्र के ग्राम मुसाबंगर एवं चांदपुर में दो चौपालों का आयोजन किया।
चौपाल के दौरान उन्होंने ग्रामीणों को निर्विवाद उत्तराधिकार से संबंधित प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, सत्यापन प्रणाली और निस्तारण की समय-सीमा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आमजन को सरल, शीघ्र और न्यायसंगत समाधान उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उपजिलाधिकारी ने सभी लेखपालों को निर्देशित किया कि उत्तराधिकार प्रकरणों की रिपोर्ट समयबद्ध, तथ्यों पर आधारित और बिना अनावश्यक विलंब के प्रस्तुत की जाए, साथ ही परिवार की सहमति एवं स्थलीय स्थिति का जिम्मेदारीपूर्वक सत्यापन सुनिश्चित करें।
मौके पर ही निर्विवाद उत्तराधिकार के 10 मामलों का निस्तारण किया गया तथा प-11(क) भरने के निर्देश दिए गए।
इसके बाद उपजिलाधिकारी ने ZALR Act 176 के अंतर्गत कुर्रे बंटवारे से संबंधित मामलों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने भूखंड, सीमा, हिस्सेदारी एवं विवाद बिंदुओं का प्रत्यक्ष परीक्षण करते हुए राजस्व टीम को स्पष्ट, निष्पक्ष और तथ्यपरक रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि निर्णय पूर्ण पारदर्शिता के साथ लिया जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि ZALR 176 के मामलों में सही राजस्व अभिलेख, सटीक सीमांकन और पारिवारिक हिस्सेदारी का स्पष्ट निर्धारण आवश्यक है, जिसके लिए राजस्व कर्मियों को पूर्ण ईमानदारी व तत्परता से कार्य करना होगा।
निरीक्षण के दौरान राजस्व उपनिरीक्षक तारा चन्द्र घिल्डियाल, हिमांशी आर्या, मनोज उप्रेती, रीडर अमरपाल सिंह सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
Author: TVN News Uttarakhand
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