
“हल्द्वानी जनसुनवाई 2025 — कमिश्नर दीपक रावत”
हल्द्वानी, 29 नवम्बर 2025 (सूचना)।
आयुक्त/सचिव एवं मा0 मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि कमिश्नर दीपक रावत ने हल्द्वानी कैम्प कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान जनता की कई गंभीर शिकायतों—जिनमें भूमि विवाद, धोखाधड़ी, अवैध निर्माण और टीसी संबंधी मामलों—पर त्वरित और निर्णायक कार्रवाई की।
2014 का 7 बीघा भूमि विवाद सुलझा — रोशनी जन्तवाल को मिला न्याय
सितारगंज, नानकमत्ता निवासी रोशनी जन्तवाल ने बताया कि वर्ष 2014 में 7 बीघा भूमि उन्होंने 27 लाख रुपये में खरीदी थी, लेकिन विक्रेता आलम सिंह द्वारा उन्हें गलत भूमि दिखाई गई और रजिस्ट्री अन्य खाते की कर दी गई।
विगत जनसुनवाई में कमिश्नर द्वारा दोनों पक्षों को तलब करने के निर्देश दिए गए थे। आज सुनवाई के दौरान विक्रेता ने स्वयं रजिस्ट्री करवाकर प्रकरण का निस्तारण कराया। समाधान मिलने पर रोशनी जन्तवाल ने कमिश्नर का आभार व्यक्त किया।

हिम्मतपुर तल्ला की छाया व जीवंती नेगी को मिलेगा वास्तविक भूमि का कब्जा
प्रॉपर्टी डीलर द्वारा वास्तविक भूमि उपलब्ध न कराए जाने की शिकायत पर कमिश्नर ने पटवारी को तत्काल पैमाइश कराकर फरियादियों को सही भूमि पर कब्जा दिलाने के निर्देश दिए।
2005 के खपराड़ा प्रकरण में बिल्डर को कड़े निर्देश
अनुराधा सहित पाँच लोगों ने बिल्डर गणेश सिंह राणा पर एग्रीमेंट के अनुसार पेयजल, सड़क, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएँ न देने और कुछ लोगों को वास्तविक प्लॉट न बताने की शिकायत की।
कमिश्नर ने पटवारी को दोनों पक्षों के साथ मौके पर जाकर सड़क, पानी, बिजली की वास्तविक स्थिति के सत्यापन व भूमि की पैमाइश कर सभी को सही प्लॉट पर कब्जा दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा — “एग्रीमेंट का 100% अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए।”

धन हड़पने और भूमि धोखाधड़ी के अन्य मामलों पर भी त्वरित कार्यवाही
महेन्द्र सिंह ने जमीन धोखाधड़ी से धनराशि हड़पने की शिकायत की।
जितेन्द्र सिंह ने बताया कि उनकी नकद धनराशि हड़प ली गई।
ठाकुर चन्द्र ने भूमि विवाद समाधान की मांग रखी।
छाया नेगी ने भूखंडों के सत्यापन व कब्जे दिलाने की अपील की।
अधिकांश मामलों में मौके पर ही समाधान कराया गया, जबकि शेष मामलों के लिए संबंधित अधिकारियों को तुरंत निस्तारण के निर्देश दिए गए।
जमीन खरीद धोखाधड़ी से बचने हेतु कमिश्नर दीपक रावत की महत्वपूर्ण अपील
कमिश्नर ने कहा कि भूमि खरीद-फरोख्त में धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े की शिकायतें तेजी से बढ़ रही हैं। नागरिकों को भूमि खरीदते समय विशेष सावधानी रखनी चाहिए।
भूमि खरीदते समय अनिवार्य रूप से करें ये 6 जाँच
1. भूमि का रिकॉर्ड राजस्व विभाग/भूलेख पोर्टल पर मिलान करें।
2. खतौनी, खसरा, नक्शा और स्वामित्व संबंधित विभाग से सत्यापित करें।
3. विक्रेता की पहचान और स्वामित्व स्थिति की पुष्टि करें।
4. भूमि पर कोई विवाद, न्यायालयीय रोक, बंधक या ऋण न हो — यह सुनिश्चित करें।
5. दलालों पर निर्भर न रहें, मूल दस्तावेज स्वयं जांचें।
6. रजिस्ट्री से पूर्व भूमि की पैमाइश व मौके का निरीक्षण अवश्य करें।
कमिश्नर ने कहा कि संदेह की स्थिति में संबंधित तहसील, राजस्व विभाग या पुलिस से संपर्क करें और धोखाधड़ी की आशंका पर तुरंत शिकायत दर्ज करवाएं।
नागरिकों के लिए चेतावनी
“जमीन खरीद में जल्दबाज़ी न करें।
सभी दस्तावेजों का सत्यापन करने के बाद ही लेनदेन करें, ताकि आर्थिक नुकसान और कानूनी जटिलताओं से बचा जा सके।” — कमिश्नर दीपक रावत







