
आज स्वर्ण शक्ति संगठन के आह्वान पर महाआक्रोश रैली का आयोजन किया गया। रैली रामलीला मैदान से प्रारंभ होकर तहसील व थाना मार्ग से होते हुए डीएम कार्यालय पहुँची, जहाँ सामान्य वर्ग (सवर्ण समाज) का व्यापक जनआक्रोश देखने को मिला।
रैली का संचालन संगठन के संयोजक प्रकाश हरबोला एवं भुवन भट्ट द्वारा किया गया। प्रकाश हरबोला ने कहा कि यूजीसी कानून 2026 के प्रावधान सामान्य वर्ग के छात्रों के हितों की अनदेखी करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नियम केवल एससी, एसटी और ओबीसी वर्गों की सुरक्षा पर केंद्रित हैं, जबकि सामान्य वर्ग के छात्रों के साथ होने वाले भेदभाव को नजरअंदाज किया गया है। 2025 के मसौदे में शामिल दंडात्मक प्रावधानों को 2026 के नियमों से हटाना भी उन्होंने गलत बताया।
कार्यक्रम के सह-संयोजक भुवन भट्ट ने कहा कि यह कानून समानता के सिद्धांतों का उल्लंघन करता है और जाति आधारित भेदभाव को बढ़ावा देता है। इक्विटी बोर्ड में एससी/एसटी/ओबीसी, महिला व दिव्यांग वर्ग के लिए अनिवार्य प्रतिनिधित्व है, जबकि सामान्य वर्ग के लिए कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने इसे “काला कानून” बताते हुए कहा कि यह समाज को बाँटने का प्रयास है और वोट बैंक की राजनीति के कारण इसे आगे बढ़ाया गया है।
नेताओं ने चेतावनी दी कि यह केवल शुरुआत है। आने वाले समय में स्वर्ण महासम्मेलन आयोजित किया जाएगा और सवर्ण समाज अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरकर आवाज बुलंद करेगा।
रैली में बड़ी संख्या में समाजसेवी, महिलाएँ और युवा उपस्थित रहे, जिनमें तेज सिंह कार्की, तरुण वानखेडे, लखन निगटिया, सीमा बत्रा, ज्योति अवस्थी, प्रताप जोशी, अनिता जोशी, काजल खत्री, बबीता जोशी, परमजीत कौर, सुरेंद्र नरूला, अमर सिंह ऐरी, कंचन रौतेला, पूरन भट्ट, दरबान सिंह, योगेश शर्मा, शेखर ऐरी, आरपी सिंह, मनोज अग्रवाल, योगेंद्र भट्ट, हर्षवर्धन पांडे, कैलाश जोशी, जीवन कार्की, नवीन पंत, सुरेंद्र नेगी, प्रमोद पंत, गोपाल भट्ट, राजेंद्र गुप्ता, मनोज जोशी, रवि जोशी, गौरव तिवारी, योगेंद्र बिष्ट, कीर्ति तिवारी, मदन मोहन जोशी, नारायण सिंह बिष्ट, नवीन भट्ट, प्रमोद तोलिया, जगत सिंह बिष्ट, आशुतोष पंत, राजू जीना सहित अनेक लोग शामिल रहे।
Author: TVN News Uttarakhand
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