कॉस्मेटिक, दवा व आयुर्वेदिक/हर्बल उत्पादों पर अनिवार्य जानकारी न होना कानून का उल्लंघन

SHARE:

ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स नियमों के तहत कार्रवाई का प्रावधान
भारत में बिकने वाले कॉस्मेटिक, एलोपैथिक दवा और आयुर्वेदिक/हर्बल उत्पादों पर यदि
मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस नंबर
निर्माता कंपनी का पूरा नाम व पता
स्पष्ट रूप से अंकित नहीं है, तो यह Drugs & Cosmetics Act, 1940 एवं Drugs & Cosmetics Rules, 1945 का सीधा उल्लंघन माना जाता है।
क्या कहता है कानून
ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स अधिनियम के अनुसार किसी भी दवा, कॉस्मेटिक या आयुर्वेदिक उत्पाद की बिक्री तभी वैध मानी जाती है जब उस पर निर्माता का सही विवरण, लाइसेंस नंबर, बैच नंबर, निर्माण व समाप्ति तिथि दर्ज हो। यह जानकारी उपभोक्ता की सुरक्षा और उत्पाद की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य है।
नियमों का उल्लंघन होने पर संभावित कार्रवाई
यदि कोई कंपनी या विक्रेता बिना आवश्यक विवरण के उत्पाद बाजार में बेचता है, तो उनके खिलाफ निम्न कार्रवाई हो सकती है—
उत्पाद की जब्ती (Seizure)
भारी जुर्माना
जेल की सजा का प्रावधान
मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस रद्द या निलंबित
बिक्री पर तत्काल प्रतिबंध
उपभोक्ताओं के लिए चेतावनी
स्वास्थ्य विभाग और ड्रग इंस्पेक्टरों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की दवा, कॉस्मेटिक या हर्बल उत्पाद खरीदते समय उसके पैकेट पर लिखी जानकारी अवश्य जांचें। यदि किसी उत्पाद पर निर्माता का पूरा पता या लाइसेंस नंबर नहीं दिया गया है, तो उसकी शिकायत संबंधित ड्रग कंट्रोल विभाग या स्वास्थ्य विभाग में करें।
प्रशासन की सख्ती
स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय-समय पर बाजार में बिक रहे उत्पादों की जांच की जाती है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर दोषी कंपनियों और दुकानदारों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष:
बिना मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस नंबर और कंपनी के पूरे पते के बिकने वाले कॉस्मेटिक, दवा या आयुर्वेदिक/हर्बल उत्पाद न केवल अवैध हैं, बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन सकते हैं। ऐसे उत्पादों से सावधान रहना और उनकी सूचना प्रशासन को देना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।

TVN News Uttarakhand
Author: TVN News Uttarakhand

......................................................................

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *