विकास कार्यों में 99% खर्च, समयबद्ध कार्यों पर डीएम की संतुष्टि

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भीमताल के विकास भवन सभागार में सोमवार को आयोजित समीक्षा बैठक में ललित मोहन रयाल ने जनपद में संचालित विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। वित्तीय वर्ष के समापन से पूर्व विभागों द्वारा किए गए बेहतर कार्यों पर जिलाधिकारी ने संतोष व्यक्त किया और भविष्य में भी सभी योजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि समय पर विकास कार्य पूर्ण कर शत-प्रतिशत धनराशि का उपयोग करना एक बेहतर प्रशासनिक परंपरा है, जिसे सभी विभाग आगे भी बनाए रखें। इससे न केवल जिला विकास की ओर अग्रसर होगा, बल्कि आम जनता को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ भी मिलेगा।

20 सूत्री कार्यक्रम व जिला योजना की समीक्षा
20 सूत्री कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान डीएम ने कहा कि जो विभाग ‘ए’ श्रेणी में हैं, वे वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक इस स्तर को बनाए रखें। उन्होंने बताया कि अब केवल 15 दिन शेष हैं, ऐसे में सभी अधिकारी पूरी तत्परता से कार्य करें ताकि कोई भी योजना अधूरी न रहे।
जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान में जिला योजना अंतर्गत 99 प्रतिशत धनराशि व्यय की जा चुकी है। पूर्व की परंपरा के विपरीत 31 मार्च से पहले धनराशि खर्च करना सराहनीय कदम है। शेष चार विभागों को बुधवार तक अवशेष धनराशि पूर्ण रूप से व्यय करने के निर्देश दिए गए।

2026-27 की योजना पर अभी से तैयारी
आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 की जिला योजना की संरचना को लेकर डीएम ने सभी विभागों को अभी से प्रस्ताव तैयार करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि जन-उपयोगी, वचनबद्ध और क्षेत्रीय संतुलन वाले विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि जिले का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।

ग्रीष्मकाल में पेयजल संकट से निपटने के निर्देश
पेयजल एवं सिंचाई विभागों को निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि ग्रीष्मकाल में संभावित जल संकट को देखते हुए अभी से ठोस कार्ययोजना बनाई जाए।
संभावित जल संकट वाले क्षेत्रों की पहचान
टैंकरों से वैकल्पिक जल आपूर्ति
पेयजल लीकेज की तत्काल मरम्मत
जल वितरण प्रणाली को दुरुस्त रखना
सभी व्यवस्थाएं समय से पहले सुनिश्चित की जाएं।

किसानों के हित में अहम निर्देश
सिंचाई विभाग को खरीफ फसलों की बुवाई के लिए पर्याप्त सिंचाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं कृषि, उद्यान एवं वन विभाग को किसानों की फसलों को जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए चेन फेंसिंग व तारबाड़ के अधिक से अधिक प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया।

बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में अरविंद कुमार पाण्डे, डॉ हरीश पंत, डॉ मुकेश सिंह नेगी, चंद्रा फर्त्याल सहित समस्त विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

TVN News Uttarakhand
Author: TVN News Uttarakhand

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