नैनीताल को नाबार्ड की बड़ी सौगात: ₹1.88 करोड़ से तीन मेगा विकास परियोजनाओं को मंज़ूरी

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नैनीताल | 14 दिसम्बर 2025 | सूवि.

नैनीताल जिले के लिए राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने बड़ी सौगात देते हुए ₹1.88 करोड़ से अधिक की अनुदान सहायता से जुड़ी तीन महत्वाकांक्षी मेगा विकास परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। ये परियोजनाएं नाबार्ड की बड़ी श्रेणी की अनुदान योजनाओं में शामिल हैं, जिन्हें उत्तराखंड में बहुत सीमित संख्या में मंजूरी मिलती है।

विशेष बात यह है कि हाल ही में राज्य में स्वीकृत गिनी-चुनी बड़ी परियोजनाओं में से तीन परियोजनाएं नैनीताल जिले से संबंधित हैं, जिनमें से दो केवल नैनीताल जिले को और एक राज्य की कुल दो परियोजनाओं में से एक है।

ग्रामीण विकास को मिलेगी नई दिशा

इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला विकास प्रबंधक, नाबार्ड, नैनीताल मुकेश बेलवाल ने बताया कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण व दूरस्थ क्षेत्रों में सतत आजीविका, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण तथा स्थानीय समुदायों को सामाजिक-आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
जनजातीय विकास, ग्रामीण पर्यटन और जल-मृदा संरक्षण के क्षेत्र में ये परियोजनाएं जिले के समग्र ग्रामीण विकास को नई गति देंगी।

 

1 जनजातीय विकास निधि: बुक्सा जनजाति के 200 परिवारों को लाभ

स्थान: रामनगर विकासखंड

परियोजना अवधि: 4 वर्ष

कुल लागत: ₹2.05 करोड़+

नाबार्ड अनुदान: ₹1.55 करोड़+

परियोजना के तहत बागवानी आधारित बाड़ी विकास, मधुमक्खी पालन, बकरी पालन, जल संरक्षण, महिला-केंद्रित आजीविका गतिविधियां तथा तकनीकी व व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इससे जनजातीय परिवारों को दीर्घकालिक आय सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन से निपटने की क्षमता मिलेगी।

2 ग्राम्य विकास निधि: ज्योलीकोट के चोपड़ा गांव में ग्रामीण पर्यटन

परियोजना: ग्राम विहार

कुल लागत: ₹22,92,100

नाबार्ड अनुदान: ₹20,67,510

अवधि: 2 वर्ष

इस योजना में होम-स्टे, तंबू आधारित आवास, स्थानीय हस्तशिल्प, लोक संगीत, लोक नृत्य और पारंपरिक भोजन को पर्यटन से जोड़ा जाएगा। इससे युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार व स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

3 जलागम विकास निधि: ओखलकांडा में अमजर जलागम परियोजना

अवधि: 1 वर्ष (क्षमता निर्माण चरण)

कुल लागत: ₹12,23,310

नाबार्ड अनुदान: ₹11,70,806

गौल नदी की उपपाटी में स्थित 60 हेक्टेयर क्षेत्र को क्षमता निर्माण चरण में शामिल किया गया है। संपूर्ण जलागम क्षेत्र 914.52 हेक्टेयर का है, जिससे अमजर, सुवालकोट, सलकवार व सलकपार गांव लाभान्वित होंगे

निष्कर्ष

नाबार्ड की ये तीनों परियोजनाएं नैनीताल जिले के ग्रामीण विकास, आजीविका संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण में मील का पत्थर साबित होंगी।

TVN News Uttarakhand
Author: TVN News Uttarakhand

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