हल्द्वानी में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: शहीदों को श्रद्धांजलि, विस्थापित परिवारों के दर्द को किया याद
हल्द्वानी में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: शहीदों को श्रद्धांजलि, विस्थापित परिवारों के दर्द को किया याद
हल्द्वानी, 14 अगस्त 2026। विभाजन के दौरान अपने प्राणों का बलिदान देने वाले शहीदों और विस्थापन की पीड़ा झेलने वाले परिवारों की स्मृति में शुक्रवार को पूरे नैनीताल जिले में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया गया। मुख्य कार्यक्रम हल्द्वानी के खालसा इंटर कॉलेज में आयोजित हुआ, जहां विभाजन की त्रासदी को याद करते हुए शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई और विस्थापित परिवारों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ नगर निगम हल्द्वानी के महापौर गजराज सिंह बिष्ट, दर्जा राज्यमंत्री नवीन लाल वर्मा, विभाजन का दर्द झेल चुके सरदार बलवंत सिंह तथा सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले असंख्य लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। साथ ही विभाजन के कारण अपने घर, जमीन और संपत्ति छोड़कर विस्थापित हुए परिवारों के संघर्ष और त्याग को नमन किया गया। कार्यक्रम में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि दी गई तथा देश की एकता और अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया गया।
विभाजन की पीड़ा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी
महापौर गजराज सिंह बिष्ट ने कहा कि विभाजन विभीषिका के दर्द और इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जो समाज अपने इतिहास को भूल जाता है, वह उससे सीख नहीं पाता। उन्होंने बच्चों से शहीद भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद और स्वामी विवेकानंद जैसे महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
दर्जा राज्यमंत्री नवीन वर्मा ने कहा कि विभाजन का दर्द हमें आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द को मजबूत करने की सीख देता है। उन्होंने कहा कि विभाजन के दौरान केवल सीमाओं का ही बंटवारा नहीं हुआ, बल्कि लोगों के बीच मौजूद प्रेम और भाईचारे पर भी गहरा आघात पहुंचा।
सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी ने कहा कि विभाजन के समय लाखों लोगों ने अपना घर, जमीन और रिश्ते-नाते छोड़कर नए स्थान पर जीवन की शुरुआत की। उस दौर की बर्बरता और अमानवीय हिंसा बेहद पीड़ादायक थी। उन्होंने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का उद्देश्य अतीत से सीख लेते हुए समाज में प्रेम, भाईचारा और आपसी सौहार्द को मजबूत करना है।
बुजुर्गों ने साझा की विभाजन की दर्दनाक यादें
कार्यक्रम में विभाजन के समय विस्थापन का दर्द झेलने वाले बुजुर्गों को विशेष रूप से आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस तरह विभाजन के दौरान उन्हें अपना घर-बार छोड़कर नए स्थान पर शरण लेनी पड़ी।
स्कूली बच्चों ने देशभक्ति गीत और निबंध प्रस्तुत कर कार्यक्रम में देशप्रेम का संदेश दिया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों और बड़ी संख्या में आमजन ने भाग लिया।
इस अवसर पर बलबीर सिंह, जसपाल सिंह, अवनीश सिंह, हरजीत सिंह, रंजीत सिंह, बलवंत सिंह, हरीश बिष्ट, विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. कल्पना जोशी, एम. कांडपाल, भगवती जोशी, अनुराधा पंत, सीमा सेन, कविता जोशी और चित्रा जीना सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में विभाजन के दौरान बलिदान देने वाले शहीदों और विस्थापन का दर्द झेलने वाले सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
Author: TVN News Uttarakhand
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