स्वर्ण समाज ने यूजीसी नियमों के विरोध में जताया आक्रोश, काले कानून को वापस लेने की मांग

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यूजीसी नियमों के विरोध में स्वर्ण समाज का आक्रोश, काले कानून को वापस लेने की मांग

यूजीसी के माध्यम से केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए नियमों के विरोध में गुरुवार को एक जन-कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संयोजन प्रकाश हर्बोला द्वारा किया गया, जिसमें क्षेत्र के अनेक प्रबुद्ध नागरिकों ने भाग लिया। उपस्थित वक्ताओं ने एक स्वर में यूजीसी से जुड़े नियमों को लेकर आपत्ति जताते हुए इन्हें वापस लेने की मांग की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संयोजक प्रकाश हर्बोला ने कहा कि यूजीसी के माध्यम से लाया गया यह प्रावधान विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित करने वाला है। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी विभिन्न नीतिगत निर्णयों पर समाज की ओर से संगठित प्रतिक्रिया नहीं हुई, लेकिन अब शिक्षा से जुड़े विषय पर चुप रहना संभव नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार से नियमों की तत्काल समीक्षा कर उन्हें वापस लेने की मांग की।
विनोद साही ने कहा कि यदि समाज अभी भी संगठित होकर अपनी बात नहीं रखेगा तो आने वाली पीढ़ियों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की आवश्यकता बताई।
मोहन काण्डपाल ने कहा कि समाज को एकजुट होने की आवश्यकता है और जो पहल प्रारंभ हुई है, उसे लक्ष्य तक पहुंचाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक आंदोलन में धैर्य और निरंतरता आवश्यक होती है।
प्रदेश अध्यक्ष, डिप्लोमा इंजीनियर जे.एस. बिष्ट ने कहा कि लंबे समय से विभिन्न नीतियों का प्रभाव देखा जा रहा है, लेकिन अब समाज को अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण ढंग से आवाज उठानी होगी।
भुवन भट्ट ने सुझाव दिया कि यदि नियमों को लागू किया जाना आवश्यक हो, तो उसमें सभी विद्यार्थियों के लिए समान अवसर और निष्पक्ष प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। उन्होंने झूठी शिकायतों की स्थिति में दंडात्मक प्रावधान का सुझाव भी रखा।
तेज सिंह कार्की ने कहा कि सामाजिक समरसता बनाए रखने के लिए समान कानूनों की आवश्यकता है और किसी भी नीति का उद्देश्य समाज को जोड़ना होना चाहिए।
ज्योति अवस्थी ने कविता के माध्यम से अपने विचार व्यक्त करते हुए समाज को एकजुट होकर सोचने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि आंदोलन को कल्कि सेना (ट्रस्ट) नामक सामाजिक संगठन के अंतर्गत आगे बढ़ाया जाएगा। साथ ही आगामी 21 फरवरी 2026 को एक महारैली आयोजित करने का प्रस्ताव पारित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन भुवन भट्ट द्वारा किया गया।
इस अवसर पर प्रताप जोशी, गणेश जंतवाल, विशाल शर्मा, गौरव गोस्वामी, देवेंद्र खाती, प्रवेंद्र दुबे, जगत सिंह बिष्ट, सीमा बत्रा, ज्योति अवस्थी, अंजू पांडे, नेहा चंदोला, दीप्ति गुरुरानी, मृदुला, सौरभ काण्डपाल, आनंद बल्लभ लोहनी, नीता गुप्ता, तरनजीत कौर, सुशील भट्ट, नवीन पंत, योगेंद्र जोशी, हरीश ऐरी, महेश चंद्र जोशी, जितेंद्र सिंह रावल, हरीश काण्डपाल सहित अनेक नागरिक उपस्थित रहे।
आगे के कार्यक्रमों के संचालन के लिए नौ सदस्यीय समिति का गठन किया गया। समिति ने समाज के सभी वर्गों, विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं से आगामी महारैली में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की।

 

TVN News Uttarakhand
Author: TVN News Uttarakhand

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