
जनपद नैनीताल में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने 2357 क्विंटल पीरुल किया एकत्रित
वनाग्नि रोकथाम के साथ महिलाओं की आजीविका भी हुई सुदृढ़
जनपद नैनीताल में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत कार्यरत स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा अब तक कुल 2357 क्विंटल पीरुल (चीड़ की सूखी पत्तियां) एकत्रित किया जा चुका है। पीरुल एकत्रीकरण का कार्य वर्तमान में भी निरंतर जारी है।
पीरुल अत्यंत ज्वलनशील होता है और जंगलों में आग लगने की घटनाओं को बढ़ावा देता है। स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं पीरुल को एकत्र कर जंगलों से हटाकर वनाग्नि की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
इस अभियान के तहत विकासखंड ओखलकांडा, रामगढ़, धारी, बेतालघाट, भीमताल एवं कोटाबाग क्षेत्र की कुल 76 स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई है। इस प्रयास से न केवल जंगलों में आग की घटनाओं पर नियंत्रण संभव हो रहा है, बल्कि महिलाओं की आजीविका भी सशक्त हो रही है।
स्वयं सहायता समूहों द्वारा एकत्रित पीरुल को वन विभाग एवं निजी संस्थानों को उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे महिलाओं को अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल रहा है।
यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आई है।
Author: TVN News Uttarakhand
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